भागवत गीता अध्याय ९ राज विद्या राज गुह्य योग — श्रीकृष्णको दिव्य महिमा र भक्तिको राजमार्गको चित्रण (Bhagavad Gita Chapter 9 Raja Vidya Raja Guhya Yoga in Nepali)
अध्याय ९ — राज विद्या राज गुह्य योग: सबैभन्दा गुह्य ज्ञान — शुद्ध भक्तिद्वारा परमात्मा प्राप्त गर्ने राजमार्ग। — अध्याय ९ राज विद्या राज गुह्य योगको चित्रण — ईश्वरको सर्वव्यापीता, अनन्य भक्ति र पतित पावन कृपाको दिव्य ज्ञान।

अध्याय 9 • 34 श्लोक

राजविद्याराजगुह्य योग

राजविद्याराजगुह्ययोगः

The Yoga of Sovereign Science and Secret

अध्यायको सारांश

यसलाई गोप्य ज्ञान (राजविद्या) भनिएको छ। भक्तिद्वारा ईश्वरलाई सजिलै प्राप्त गर्न सकिने र 'पत्रं पुष्पं फलं तोयं' को भक्ति भाव दर्शाइएको छ।

श्लोकहरू

  1. श्लोक 9.1
  2. श्लोक 9.2
  3. श्लोक 9.3
  4. श्लोक 9.4
  5. श्लोक 9.5
  6. श्लोक 9.6
  7. श्लोक 9.7
  8. श्लोक 9.8
  9. श्लोक 9.9
  10. श्लोक 9.10
  11. श्लोक 9.11
  12. श्लोक 9.12
  13. श्लोक 9.13
  14. श्लोक 9.14
  15. श्लोक 9.15
  16. श्लोक 9.16
  17. श्लोक 9.17
  18. श्लोक 9.18
  19. श्लोक 9.19
  20. श्लोक 9.20
  21. श्लोक 9.21
  22. श्लोक 9.22
  23. श्लोक 9.23
  24. श्लोक 9.24
  25. श्लोक 9.25
  26. श्लोक 9.26
  27. श्लोक 9.27
  28. श्लोक 9.28
  29. श्लोक 9.29
  30. श्लोक 9.30
  31. श्लोक 9.31
  32. श्लोक 9.32
  33. श्लोक 9.33
  34. श्लोक 9.34