श्रीमद भगवत गीता — १८ अध्याय, ७०० श्लोक। कुरुक्षेत्रको युद्धभूमिमा भगवान श्रीकृष्ण र अर्जुनबीचको दिव्य संवादको चित्रण। — कुरुक्षेत्रको पवित्र भूमिमा भगवान श्रीकृष्णले अर्जुनलाई दिनुभएको गीताको ज्ञानको मूल चित्रण। सबै १८ अध्याय र ७०० श्लोक नेपाली अर्थ सहित गीता नेपालमा पढ्नुहोस्। श्रीमद भागवत गीता १८ अध्याय • ७०० श्लोक • कालजयी ज्ञान
भगवद्गीताका १८ अध्याय अध्याय 1: अर्जुन विषाद योग (Arjuna's Dilemma) — 47 श्लोक अध्याय 2: सांख्य योग (The Yoga of Knowledge) — 72 श्लोक अध्याय 3: कर्म योग (The Yoga of Action) — 43 श्लोक अध्याय 4: ज्ञान कर्म सन्यास योग (Renunciation of Action through Knowledge) — 42 श्लोक अध्याय 5: कर्म सन्यास योग (The Yoga of Renunciation) — 29 श्लोक अध्याय 6: आत्मसंयम योग (The Yoga of Meditation) — 47 श्लोक अध्याय 7: ज्ञानविज्ञान योग (Knowledge and Realization) — 30 श्लोक अध्याय 8: अक्षरब्रह्म योग (The Yoga of Imperishable Brahman) — 28 श्लोक अध्याय 9: राजविद्याराजगुह्य योग (The Yoga of Sovereign Science and Secret) — 34 श्लोक अध्याय 10: विभूति योग (The Yoga of Divine Glories) — 42 श्लोक अध्याय 11: विश्वरूपदर्शन योग (The Vision of the Universal Form) — 55 श्लोक अध्याय 12: भक्ति योग (The Yoga of Devotion) — 20 श्लोक अध्याय 13: क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग (The Yoga of Distinction between the Field and the Knower) — 34 श्लोक अध्याय 14: गुणत्रयविभाग योग (The Yoga of the Division of Three Gunas) — 27 श्लोक अध्याय 15: पुरुषोत्तम योग (The Yoga of the Supreme Person) — 20 श्लोक अध्याय 16: दैवासुरसम्पद्विभाग योग (The Division between Divine and Demoniacal Properties) — 24 श्लोक अध्याय 17: श्रद्धात्रयविभाग योग (The Yoga of the Division of Threefold Faith) — 28 श्लोक अध्याय 18: मोक्ष सन्यास योग (The Yoga of Liberation and Renunciation) — 78 श्लोक भगवद्गीता अध्ययन सुरु गर्नुहोस्
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