भागवत गीता अध्याय ८ अक्षर ब्रह्म योग — अक्षर ब्रह्म र मृत्युपछिको मार्गको आध्यात्मिक चित्रण (Bhagavad Gita Chapter 8 Akshara Brahma Yoga in Nepali)
अध्याय ८ — अक्षर ब्रह्म योग: ब्रह्म, अध्यात्म, कर्म र अन्तिम समयको स्मरण — अमर ब्रह्मको मार्ग। — अध्याय ८ अक्षर ब्रह्म योगको चित्रण — अन्तिम क्षणको चिन्तन, दुई मार्ग (शुक्ल र कृष्ण), र अमर ब्रह्मको प्राप्ति।

अध्याय 8 • 28 श्लोक

अक्षरब्रह्म योग

अक्षरब्रह्मयोगः

The Yoga of Imperishable Brahman

अध्यायको सारांश

अन्तिम समयमा जे चिन्तन गरिन्छ त्यही गति प्राप्त हुन्छ भन्ने नियम र शुक्ल-कृष्ण गतिको वर्णन गरिएको छ।

श्लोकहरू

  1. श्लोक 8.1
  2. श्लोक 8.2
  3. श्लोक 8.3
  4. श्लोक 8.4
  5. श्लोक 8.5
  6. श्लोक 8.6
  7. श्लोक 8.7
  8. श्लोक 8.8
  9. श्लोक 8.9
  10. श्लोक 8.10
  11. श्लोक 8.11
  12. श्लोक 8.12
  13. श्लोक 8.13
  14. श्लोक 8.14
  15. श्लोक 8.15
  16. श्लोक 8.16
  17. श्लोक 8.17
  18. श्लोक 8.18
  19. श्लोक 8.19
  20. श्लोक 8.20
  21. श्लोक 8.21
  22. श्लोक 8.22
  23. श्लोक 8.23
  24. श्लोक 8.24
  25. श्लोक 8.25
  26. श्लोक 8.26
  27. श्लोक 8.27
  28. श्लोक 8.28