
अध्याय 11 • 55 श्लोक
विश्वरूपदर्शन योग
विश्वरूपदर्शनयोगः
The Vision of the Universal Form
अध्यायको सारांश
अर्जुनले श्रीकृष्णको विराट रूप (विश्वरूप) को दर्शन पाउँछन्। त्यो भयानक र अद्भुत रूप देखेर अर्जुन भयभीत भई स्तुति गर्छन्।
श्लोकहरू
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- श्लोक 11.2
- श्लोक 11.3
- श्लोक 11.4
- श्लोक 11.5
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- श्लोक 11.10
- श्लोक 11.11
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- श्लोक 11.49
- श्लोक 11.50
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- श्लोक 11.52
- श्लोक 11.53
- श्लोक 11.54
- श्लोक 11.55