
अध्याय 2 • 72 श्लोक
सांख्य योग
साङ्ख्ययोगः
The Yoga of Knowledge
अध्यायको सारांश
यो अध्यायलाई गीताको सार मानिन्छ। श्रीकृष्णले अर्जुनलाई आत्माको अमरता, शरीरको नश्वरता र कर्मयोगको सिद्धान्त बुझाउँदै शोक त्याग्न प्रेरित गर्नुहुन्छ।
श्लोकहरू
- श्लोक 2.1
- श्लोक 2.2
- श्लोक 2.3
- श्लोक 2.4
- श्लोक 2.5
- श्लोक 2.6
- श्लोक 2.7
- श्लोक 2.8
- श्लोक 2.9
- श्लोक 2.10
- श्लोक 2.11
- श्लोक 2.12
- श्लोक 2.13
- श्लोक 2.14
- श्लोक 2.15
- श्लोक 2.16
- श्लोक 2.17
- श्लोक 2.18
- श्लोक 2.19
- श्लोक 2.20
- श्लोक 2.21
- श्लोक 2.22
- श्लोक 2.23
- श्लोक 2.24
- श्लोक 2.25
- श्लोक 2.26
- श्लोक 2.27
- श्लोक 2.28
- श्लोक 2.29
- श्लोक 2.30
- श्लोक 2.31
- श्लोक 2.32
- श्लोक 2.33
- श्लोक 2.34
- श्लोक 2.35
- श्लोक 2.36
- श्लोक 2.37
- श्लोक 2.38
- श्लोक 2.39
- श्लोक 2.40
- श्लोक 2.41
- श्लोक 2.42
- श्लोक 2.43
- श्लोक 2.44
- श्लोक 2.45
- श्लोक 2.46
- श्लोक 2.47
- श्लोक 2.48
- श्लोक 2.49
- श्लोक 2.50
- श्लोक 2.51
- श्लोक 2.52
- श्लोक 2.53
- श्लोक 2.54
- श्लोक 2.55
- श्लोक 2.56
- श्लोक 2.57
- श्लोक 2.58
- श्लोक 2.59
- श्लोक 2.60
- श्लोक 2.61
- श्लोक 2.62
- श्लोक 2.63
- श्लोक 2.64
- श्लोक 2.65
- श्लोक 2.66
- श्लोक 2.67
- श्लोक 2.68
- श्लोक 2.69
- श्लोक 2.70
- श्लोक 2.71
- श्लोक 2.72